धोबी की सफाई
जैसे धोबी कपड़ेको साफ करनेके लिये उसको शिलापर पछाड़ता है, पानीमें उबालता है, ऐसे ही भगवान् हमारेको साफ करनेके लिये, हमारे पाप-ताप सब दूर करनेके लिये दुःख भेजते हैं। शरणागत भक्तको उस दुःखमें भी आनन्द मिलता है !
मां नमस्कुरु- नमस्कार करनेका तात्पर्य है कि आप चाहे दण्ड दो चाहे पुरस्कार दो, आपकी मरजी । मेरेको सब स्वीकार है। ऐसी बात होनेपर बहुत सुख, बहुत आनन्द, बहुत प्रसन्नता, बहुत विचित्रत होती है!
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