सामान्य परिपथ
सामान्य
समाचार
व्यक्तित्व
लेख
तर्क
तकनीकी
चलचित्र
कहानी
कविता
करके जाने
कथन
हिंदी महासागर
Hindi Mahasagar
चलचित्र
प्रशिक्षण
_पंजीकरण
_प्रशिक्षण
गणक
_LM317 की गणना समान धारा के शक्ति श्रोत के लिए
_LM317 की गणना समान विभव के शक्ति श्रोत के लिए
_विभव वितरक की गणना
_ट्रांजिस्टर को कुंजी की तरह प्रयोग करने की गणना
_प्रतिरोधक की गणना श्रेणी तथा समान्तर में
मेरे प्रकाशित लेख
मेरे बारे में
बात चीत
सूचना
कल्पना की उड़ान
नवीनतम
Home
/
कविता
/
माँ का लाल
माँ का लाल
अनिरुद्ध शर्मा
जनवरी 04, 2016
कविता
सुन री मई लाल तेरा
तुझ पर ही इतराता है
ईश्वर रहता साथ मेरे
सबको ये बतलाता है
-अनिरुद्ध शर्मा
माँ का लाल
Reviewed by
अनिरुद्ध शर्मा
on
जनवरी 04, 2016
Rating:
5
कोई टिप्पणी नहीं
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें ( Atom )
यह ब्लॉग खोजें
चलचित्र से जुड़ें
मेरी पुस्तक
जीवन के नियम - Google Play Books
जीवन के नियम - Kindle
पहला कदम उठाना होगा - Google Play Books
पहला कदम उठाना होगा - Kindle Edition
पहला कदम उठाना होगा - Paper Back
नवीन टिप्पणियाँ
पिछले सप्ताह सर्वाधिक पठित
मैंने भोजन खिलाया
उस दिन सबेरे आठ बजे मैं अपने शहर से दूसरे शहर जाने के लिए निकला । मैं रेलवे स्टेशन पँहुचा , पर देरी से पँहुचने के कारण मेरी ट्रेन निकल चुकी ...
लता मंगेशकर जी
93 वर्ष का इतना सुन्दर और धार्मिक जीवन विरलों को ही प्राप्त होता है। लगभग पाँच पीढ़ियों ने उन्हें मंत्रमुग्ध हो कर सुना है.... और हृदय से सम्...
कर्म - भोग
(भगवत गीता के उपदेश अनुसार) पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता - पिता , भाई - बहन , पति - पत्नि , प्रेमी - प्रेमिका ,...
मेरी बेटी
एक पिता अपनी चार वर्षीय इकलौती बेटी मिनी से बहुत प्रेम करता था। ऑफिस से लौटते वक़्त वह रोज़ उसके लिए तरह-तरह के खिलौने और खाने-पीने की चीज...
जिस्म की नुमाइश
हुनर तो कुछ बचा नही बस जिस्म की नुमाइश बची है संस्कृति छोड़ ईमान छोड़ बस पैसे की होड़ मची है -अनिरुद्ध शर्मा
Categories
कथन
(33)
करके जानें
(2)
कविता
(92)
कहानी
(70)
चलचित्र
(50)
तकनीकी
(40)
तर्क
(5)
लेख
(88)
विचार
(10)
व्यक्तित्व
(13)
समाचार
(5)
सामान्य
(8)
सामान्य परिपथ
(12)
Start
(1)
कोई टिप्पणी नहीं